मुम्बई 24 अगस्त: भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ 1998 से श्रमिकों के हक और अधिकार के लिए संघर्ष कर रही है। लेकिन संगठन की आड़ में कुछ लोग रुपये के लालच में संगठन को बदनाम कर रहे हैं। जिसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उक्त बातें माल गोदाम श्रमिक संघ के महाराष्ट्र राज्य सचिव संतोष थोरात ने कही है। पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान श्री थोरात ने कहा है कि संगठन किसी से भी नाजायज राशि नहीं लेती है। संगठन सिर्फ श्रमिकों से प्रत्येक माह पांच रुपये की दर से चंदा लेती है, जिससे संगठन का दिनचर्या चलता है। संतोष थोरात ने कहा कि सामाजिक संगठन चलाने की आड़ लेकर कुछ फेसबुकिया चैनल और यूट्यूबर लोग पैसे बसूली करने की नीयत रखकर संगठन को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, जो किसी कीमत पर भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री थोरात ने कहा कि माल गोदाम श्रमिक संगठन श्रमिकों के खून-पसीने से चल रहा है।

अब श्रमिकों को न्याय मिलने का समय आ गया है, जिसमें कुछ असामाजिक तत्व लोगों को गुमराह करने में लगे हैं। लेकिन श्रमिक उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे। संतोष थोरात ने कहा कि कुछ सफेदपोश यूट्यूबर झूठी खबर चलाकर रुपये ऐंठने की कोशिश में थे। लेकिन उनकी जब एक न चली, तो उन्होंने झूठी खबरें चलाकर संगठन के लोगों को बदनाम करने की साजिश करने लगे। इसमें यूट्यूबरों का सहारा लिया गया। संतोष थोरात ने कहा कि जिस तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता हरीश बेकावड़े ने संगठन पर आरोप लगाया है, वह तथ्यहीन और बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि हरीश द्वारा पेन थाने में शिकायत किये जाने के बाद संगठन के 40 लोगों ने थाने में पहुंच कर अपनी सफाई भी दी थी। बेरोजगारों से पैसे की उगाही का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।

संतोष थोरात ने कहा कि संगठन सिर्फ पांच रुपये प्रति माह के हिसाब से चंदा लेती है। अगर श्रमिक कभी किसी बड़े आयोजन या संगठन का कार्यक्रम करते हैं तो बड़ी राशि की जरूरत होती है, जिसे संगठन के लोग आपस में कुछ अधिक राशि का सहयोग चंदा करके करते हैं। संतोष थोरात ने कहा कि तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता हरीश बेकावड़े संगठन के लोगों से पैसे वसूली के चक्कर में गुमराह करने में लगा है। संतोष थोरात ने कहा कि किसी भी थाने में हमलोगों या संगठन के ऊपर किसी सदस्य ने कोई शिकायत नहीं किया है। ये हरीश बेकावड़े द्वारा पैसे वसूली करने की साजिश है, जिसमें कुछ युट्यूबर भी शामिल हैं। अगर किसी थाने में मामला दर्ज हुआ है तो हरीश को मीडिया में उसका केस नंबर भी बताना चाहिए। इस तरह से संगठन को बदनाम करने की उनकी मंशा कभी भी सफल नहीं होगी।

संतोष थोरात ने बताया कि जब श्रमिकों की मांग को अंजाम तक पहुंचाने का समय आता है तो ऐसे ही कुछ असामाजिक तत्व संगठन की आड़ में आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर देते हैं। लेकिन श्रमिक संघ पूरी ईमानदारी के साथ श्रमिकों की मांगों को अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लेगा और ऐसे असामाजिक तत्वों को मुंहतोड़ जवाब देगा।

हरीश के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगा माल गोदाम श्रमिक संघ : संतोषथोरात

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